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सिमडेगा/डेस्क: आवागमन के रास्तों को सुविधाजनक कर बड़े शहरों को जोड़ने के उद्देश्य के उद्वेश्य से एनएच सड़क का निर्माण किया जाता है. लेकिन झारखंड को ओडिसा के रास्ते होते हुए मुंबई को जोड़ने वाली एनएच 143 सिमडेगा में वाहनों के लिए खतरा पैदा करने लगी है. सिमडेगा से गुजरने वाली एनएच 143 जो झारखंड को ओडिसा के रास्ते मुंबई से जोड़ती है, आज वाहनों के लिए खतरा पैदा करने लगी है.

सिमडेगा के पंडरीपानी के पास एनएच 143 पर बने छिन्दा नदी पुल काफी जर्जर हो गई है. पुल के रॉड टूटने लगे हैं. पुल के दोनो छोर पर बड़े गढ्ढे बन गए हैं और इन गढ्ढों में लोहे के एंगल टूट गए है. जिससे वाहनों के चक्के फंसने और तैयार फटने का खतरा बन गया है. इसके साथ पुल के ऊपर लोहे के सरिया टूट कर निकलने लगे हैं. जिससे तैयार फटने का खतरा बना रहता है. जिससे बड़ी दुर्घटना घट सकती है. पुल से गुजरती किसी वाहन का टायर इन रॉड से फंसकर फट जाए तो वाहन असंतुलित होकर नदी में भी गिर सकते हैं. वाहन चालकों ने कहा कि वे पुल पार करने समय काफी डरे रहते हैं. मुंबई से ट्रक लेकर बिहार जा रहे चालक महेश शिंदे ने कहा कि वे लोग काफी भरी माल लदी ट्रक लेकर चलते हैं. लेकिन इस तरह जर्जर पुल पार होने पर डर लगा रहता है. वहीं डंफर चालक कमला सिंह ने कहा कि सरकार भारी रोड टैक्स लेती है, लेकिन सड़क पर ध्यान नहीं देती है.

इस सड़क की बदहाली जब आदिवासी कांग्रेस के स्टेट कोडिनेटर दिलीप तिर्की ने देखा तो उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर एनएच विभाग को दोषीदार बताया. उन्होंने प्रशासन से इसकी मरम्मत करवाने की मांग की है. एनएच पर बने इस पुल की जो स्थिति है, अगर इसे जल्द नहीं सुधार करवाया गया तो पुल धंसने की घटना भी घट सकती है. अगर ऐसा हुआ तो ओडिसा का संपर्क सिमडेगा सहित झारखंड से कट जाएगा.