आशीष शास्त्री/न्यूज़11 भारत
सिमडेगा/डेस्क: चैत्र नवरात्रि के मौके पर सिमडेगा के तामड़ा गांव में चैत्र शुक्ल द्वितीया पर चैता कीर्तन का आयोजन किया गया. चैत्र शुक्ल पक्ष का महीना शुरू हो चुका है. हिंदू कैलेंडर नया शुरू हो गया है. इस दौरान सिमडेगा के विभिन्न गांवों में चैता गायन के कार्यक्रम आयोजित होने लगे हैं. चैत्र के महीने में जब खेत में फसल पक कर तैयार हो जाती है. तब किसान इसकी कटाई की शुरू करते हैं. कटाई शुरू करने से पहले महिला व पुरूष मजदूर के साथ किसान अपनी सनातनी परंपरा के अनुसार चैता गीत के माध्यम से अपने देवता को सुमरते है और उन्हें खुश करने की कोशिश करते हैं.
सिमडेगा के तामड़ा गांव में भी चैत्र शुक्ल द्वितीया पर तामड़ा के सभी ग्रामीण मंदिर के पास इकठ्ठा होकर डोल मंजीरा बजाते हुए चैता कीर्तन किए. ग्रामीणों ने रात भर झूमते हुए कई चैता गीत गाए. कहा जाता है कि भगवान श्रीरामचन्द्र की जन्म चैत्र मास में हुआ था, तभी से भारत वर्ष में चैत्र माह में चैता कीर्तन की यह परंपरा चली आ रही है. इससे अच्छे फसल के लिए ईश्वर का धन्यवाद देने के साथ-साथ सामाजिक समरसता,आपसी सद्भाव और एक बेहतर समाज का निर्माण होता हैं.