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सिमडेगा/डेस्क: केंद्रीय सरना पूजा समिति के तत्वावधान में सलडेगा सरना पूजा स्थल पर पारंपरिक आस्था और श्रद्धा के साथ सरहुल पूजा संपन्न हुई. इस अवसर पर पहान बाबूलाल उराँव और पुजार बिरसा मुंडा द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना की गई.
पूजा की शुरुआत परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार स्थल की परिक्रमा से हुई. इसके बाद विधिवत सरहुल पूजा संपन्न कर प्रकृति देवताओं से सुख, समृद्धि और शांति की कामना की गई. सरना स्थल पर समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद्र भगत सचिव मनोज उरांव ,सलडेगा सरना के संरक्षक लहरू सिंह संरक्षक रमेश महतो,पूर्व मंत्री विमला प्रधान, चिक बड़ाईक समाज,मुंडा समाज सहित बड़ी संख्या में सरना धर्मावलंबी उपस्थित थे, जिन्होंने पूरे उत्साह और भक्ति के साथ इस महापर्व में भाग लिया.मौके पर केंद्रित सरना समिति के अध्यक्ष हरिचंद भगत ने कहा सरहुल पूजा आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व है, जो प्रकृति और पृथ्वी माता के प्रति आस्था और सम्मान को दर्शाता है. इस अवसर पर पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से समाज के लोगों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया.पूजा स्थल पर भक्तिमय माहौल बना रहा और लोगों ने एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया. सरहुल पर्व के अवसर पर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखा गया, जिसमें सभी समुदायों के लोग शामिल हुए.
वहीं महापर्व सरहुल के पावन मौक़े पर बीरुगढ़ के युवराज कौशलराज सिंहदेव ने समस्त जिलेवासियों के सुख समृद्धि की कामना करते हुए सरहुल की शुभकामनायें दी. इससे पहले सरना स्थल में जाकर पूजन में भाग लिया और आशीर्वाद लिया. सलडेगा मौजा सरना स्थल में धुम धाम से सरहुल का पूजन किया गया. पुरे विधि विधान पाहन के द्वारा पूजन करवाया गया,ग़ुलाल का टिका लगाकर और सभी को सखुवा का फुल कान में पाहन के द्वारा लगाया गया. उपस्थित हजारों जनसमूह ने हर्षोल्लास के साथ नाचते गाते जुलुस में भाग लिया.कौशलराज सिंह देव ने इस महान पर्व के मौक़े पर शुभकामनायें देते हुए कहा अनादि काल से चले आ रहे हमारे इस अनुठे और अनुपम त्यौहार में प्रकृति खुद धरती माँ का नये फुल और नव कोपल के साथ श्रृंगार करती है और नवयौवना बन कर नव जीवन का सन्देश देती है की हर विकट परिस्थिति के बाद फिर से खुशहाली आती है.पतझड़ के बाद नव कोपल यही जीवन का सुख सन्देश हमें देती है.यही प्रकृति हमारी जीवन दायिनी है, यह हमारी धरोहर है, इसे संरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है, एक सतत जीवन के लिए प्रकृती हमारी जीवन दायिनी है. इस धरोहर को बचाकर हम आने वाली पीढ़ी को भी जागरूक करें और उन्हें एक स्वच्छ प्रकृति दें.
विश्व हिन्दू परिषद् कार्यालय के पास सरहुल जुलुस का स्वागत किया गया जहां पर विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष कौशल राज सिंह देव की अगवाई में जुलूस के.अगुवाई कर रहे केंद्रीय सरना समिति के पदाधिकारियों को अंगवस्त्र देकर जिसमे सरना समिति के अध्यक्ष हरिश्चन्द्र भगत, सचिव मनोज उरांव, पाहन बाबूलाल, पाहन बिरसा मुंडा, संरक्षक लहरू सिंह, रमेश महतो को विहिप अध्यक्ष के द्वारा सम्मानित किया गया. मौक़े पर गुड़ चना और शरबत का वितरण किया गया. शोभायात्रा सिमडेगा शहर के झूलन सिंह चौक महावीर चौक नीचे बाजार होते हुए कचहरी होकर सरना पानी टंकी पहुंची जहां पर भव्य तरीके से कार्यक्रम करने के बाद समापन हुआ.