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रांची/डेस्क: खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम (MMDR Act) पर मचे घमसान के बीच भाजपा सांसद डॉ निशिकांत दुबे की देवघर के अपने आवासीय कार्यालय में प्रेस वार्ता कर झारखंड सरकार और सरकार में शामिल कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला. सांसद निशिकांत दुबे ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एमएमडीआर बिल से इसे हो रही 'कमाई' के बंद होने का खतरा दिखाई देने लगा है, इसी का परिणाम है कि यह बिलबिलाने भी लगी है और झारखंड की जनता को बरगलाने भी लगी है.
निशिकांत दुबे ने कहा, जब मानसून सत्र चल रहा था, तब हम रोज सदन में इस विषय पर बहस करना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस, जेएमएम, आरजेडी ने सदन चलने ही नही दिया. अब जबकि बिल पास हो गया, तो यही लोग शोर मचा रहे हैं. कुछ लोगों को बासी रोटी खाने की आदत है.
सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, जिस बिल पर इतना शोर हो रहा है, 1957 में पहली बार कांग्रेस ने ही इसे पास किया. आज वही कांग्रेस इसके खिलाफ हो गई है. जो कांग्रेस पार्टी कभी कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ रही, वही कांग्रेस कम्युनिस्ट के साथ मिलकर सरकार बनाई.
2017 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शून्य कार्बन का संकल्प लिया है. कोयले का आवंटन 30 साल के लिए होता है. एक जमाना था कि कोयला सिर्फ झारखंड देता था, लेकिन अब कई राज्य कोयला दे रहे हैं. झारखंड का कोयला महंगा होगा तो कौन झारखंड से इसे खरीदेगा. झारखंड सरकार जगह-जगह पर प्रदर्शन कर रही है. मैं झारखंड सरकार को चैलेंज करता हूं कि हिम्मत है तो कोयला रोक कर दिखाए.
राज्य सरकार की सहभागिता से धनबाद समेत कई जगहों पर कोयले की चोरी हो रही है जिसकी रॉयलिटी पर मंईयां सम्मान के साथ-साथ सरकार पेट्रोल-डीजल भरवा रही है, अपने मंत्रियों के साथ हवाई यात्रा कर रही है, वो सब बंद होगा. असल चिंता इसी की है.
ये केवल दारू, बालू, मिट्टी, गिट्टी यही सब बेच रहे हैं. बिहारी से बहुत परेशानी हैं. झारखंड के लोगों को बरगलाते रहो यही काम हो रहा है. जनता ने केवल जेएमएम को ही वोट नहीं किया है. जनमत संग्रह करा लें, पता चल जाएगा कि जनता क्या चाहती है. झारखंड की जनता को ये सरकार जनता को बेरोजगार रखना चाहती है.
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