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रांची/डेस्क: झारखंड के बहुचर्चित करीब 750 करोड़ रुपये के शराब घोटाले के मुख्य आरोपी और भाटिया वाइंस एंड कंपनी के मालिक भूपेंद्र सिंह भाटिया को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका मिला हैं. हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी हैं.
इससे पहले भी भाटिया को इस मामले में अदालत से राहत नहीं मिली थी. बताया जा रहा है कि सितंबर महीने में एसीबी की विशेष अदालत ने भी भूपेंद्र सिंह भाटिया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इसके बावजूद वह लंबे समय से फरार चल रहा है और जांच एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हुई हैं.
38 करोड़ से बढ़कर 750 करोड़ तक पहुंचा घोटाला
जांच के शुरुआती दौर में इस शराब घोटाले की राशि करीब 38 करोड़ रुपये बताई गई थी लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह आंकड़ा बढ़कर करीब 750 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. आरोप है कि भाटिया वाइंस एंड कंपनी ने बिना वैध एग्रीमेंट के शराब की बिक्री की और प्लेसमेंट से लेकर आपूर्ति तक की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई, जिससे सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ. इस मामले में विनय कुमार चौबे समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया हैं.
गिरफ्तारी से पहले फरार हो गया था भाटिया
इस साल जनवरी के अंत में झारखंड एसीबी की टीम भूपेंद्र पाल सिंह भाटिया को गिरफ्तार करने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंची थी लेकिन गिरफ्तारी से पहले ही वह फरार हो गया. आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण वह भागने में सफल रहा और एसीबी की टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा.
ऑपरेशन में शामिल टीम को किया गया था निलंबित
इस मामले में दूसरे प्रमुख आरोपी नवीन केडिया को भी दोबारा गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वह भी टीम को चकमा देकर फरार हो गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद एसीबी चीफ एडीजी प्रिया दुबे ने कार्रवाई करते हुए इस ऑपरेशन में शामिल पूरी टीम को निलंबित कर दिया था.
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