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रांची/डेस्क: JAP के चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. झारखण्ड हाईकोर्ट ने दिकेश कुमार समेत अन्य कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया. कोर्ट ने सेवा से बाहर रहने की अवधि का पूरा बकाया वेतन देने का आदेश दिया है. नियुक्ति रद्द होने से दोबारा सेवा में बहाल होने तक का वेतन मिलेगा. सभी परिणामी सेवा लाभ देने का भी हाईकोर्ट ने निर्देश दिया.
2016 में JAP में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति हुई थी. चयन परीक्षा में कथित अनियमितताओं की शिकायत के बाद सरकार ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर पूरी चयन प्रक्रिया रद्द कर दी गई थी. नियुक्त कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गयी थी. कर्मचारियों ने सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.
हाईकोर्ट ने नियुक्तियां रद्द करने का आदेश निरस्त किया था. इसके बाद सभी याचिकाकर्ताओं को दोबारा सेवा में बहाल किया गया. लेकिन सेवा से बाहर रहने की अवधि का वेतन देने से सरकार ने इनकार किया था. सरकार ने 'काम नहीं, तो वेतन नहीं' के आधार पर वेतन रोकने का फैसला लिया था.
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