राजकुमार/न्यूज़11 भारत
मनोहरपुर/डेस्क: आनंदपुर प्रखंड के मोरेंग गांव निवासी रीना नायक मुर्गी एवं बतख पालन के जरिए आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम कर रही हैं. नवंबर 2025 में यूट्यूब पर वीडियो देखने के बाद रीना ने मुर्गी और बतख पालन शुरू करने का निर्णय लिया. उन्होंने करीब 33 हजार रुपये की शुरुआती पूंजी लगाकर रांची से मुर्गी और बतख खरीदी और अपने घर से व्यवसाय की शुरुआत की. शुरुआत में मुर्गी और बतख की देखरेख में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. इसके बाद रांची के दुकानदार से लगातार मार्गदर्शन और सहयोग मिलने लगा. इसके बाद धीरे-धीरे उनका व्यवसाय बढ़ता गया.
रीना के अनुसार, वर्तमान में इस व्यवसाय से उन्हें सालाना करीब 3 से 4 लाख रुपये तक की आमदनी हो रही है. रीना ने बताया कि वर्तमान में उनके पास सोनालिका, कड़कनाथ नस्ल की मुर्गियां तथा मस्कोवी नस्ल की बतखें उपलब्ध हैं. वह महिला समूह से भी जुड़ी हुई हैं और समूह के व्हाट्सऐप के माध्यम से अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ ग्राहकों तक जानकारी पहुंचा रही हैं.
बच्चों की उच्च शिक्षा है जीवन का लक्ष्य
रीना के पति दूसरे राज्य में काम करते हैं. वहीं रीना अपने परिवार और व्यवसाय की जिम्मेदारी संभालने के साथ अपने तीन बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर भेज रही हैं. उन्होंने कहा, "मैंने तो अपना जीवन किसी तरह काट लिया, लेकिन मेरे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और उन्हें सही दिशा मिले, यही मेरा लक्ष्य है".
सरकारी योजना से शेड निर्माण की मांग
रीना ने बताया कि व्यवसाय को बढ़ाने के लिए उन्होंने अपने पैसे से एक शेड का भी निर्माण कराया है, जिसमें करीब एक लाख रुपये की लागत आई है. उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी से आग्रह किया है कि उन्हें मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना से जोड़कर शेड के बेहतर निर्माण में सहयोग दिया जाए. उनका कहना है कि यदि सरकारी स्तर से सहायता और मार्गदर्शन मिले तो वह अपने मुर्गी-बतख पालन व्यवसाय को और बड़े स्तर तक ले जा सकती हैं तथा इससे उनकी आमदनी बढ़ने के साथ अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरणा मिलेगी.
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