संतोष कुमार/न्यूज़11 भारत
चांडिल/डेस्क: राजनगर अस्पताल के घटना के बाद अब जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है. आज कुकडु के बीडीओ राजश्री ललिता बाखला और कुकडु अंचल अधिकारी अभय द्विवेदी द्वारा तिरुलडीह प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया गया. प्रभारी अंचल अधिकारी अभय द्विवेदी ने बताया कि तिरुलडीह प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र का बारीकी से निरीक्षण किया गया जिसमें मानव संसाधन के साथ साथ उपलब्ध सेवा, मशनिरी एवम दवाइयों का भी जायजा लिया गया.बीडीओ राजश्री ललिता बाखला ने बताया कि अभिलेख का भी निरीक्षण किया गया . प्रति माह लगभग 30-40 माताओं का प्रसव होता है.
उन्होंने कहा कि यहाँ डॉक्टरों की कमी है एक भी डॉक्टर नही नही. आपको बतादे की तिरुलडीह प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र में दो एएनएम, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट प्रतिनियुक्ति है परंतु यहाँ एक भी डॉक्टर उपलब्ध नही है. प्रसव भी एएनएम के भरोसे ही होता है. वो तो गनीमत है कि प्रसव के दौरान कोई अप्रिय घटना नही घटती है पर यहाँ सवाल है कि बिना डॉक्टरों के प्रसव कराना कहा तक सुरक्षित माना जा सकता है.
प्रसव पूर्व माता का एवम प्रसव बाद नवजात बच्चे का स्वास्थ्य किसके भरोसे रहता है. इस बात को लेकर लोग का कहना है कि मरता क्या न करता. क्षेत्र के लोग मजबूरन बिना डॉक्टर के ही प्रसव कराने को मजबूर है जो झारखण्ड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है.
यह भी पढ़ें: पानी की आखिरी घूंट पीकर अनंत काल के लिए सो गया मनोहर, मदद के लिए बढ़े कलम के सिपाही