सागर कुमार/न्यूज11 भारत
पतरातु/डेस्क: पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) द्वारा आज NSB हॉल, पतरातू में स्थानीय उपयोगकर्ताओं एवं सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) के लिए प्रथम ऐश यूजर मीट–2026 का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों, उद्यमियों एवं सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को फ्लाई ऐश एवं बॉटम ऐश के उत्पादक उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा ऐश उपयोग की विभिन्न पहलों में स्थानीय भागीदारी को बढ़ावा देना रहा.
कार्यक्रम का शुभारंभ अशोक कुमार सेहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), PVUNL, अरुण कुमार सिंह, महाप्रबंधक (O&M), आर.के. निरंजन, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं ऐश उपयोगिता) तथा प्रशांत पांडुरंग पाटिल, महाप्रबंधक (ऑपरेशन एवं FM) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने ऐश के सतत एवं उत्पादक उपयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्थानीय उद्योगों एवं उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अशोक कुमार सेहगल, CEO, PVUNL ने कहा कि PVUNL स्थानीय समुदाय के समावेशी विकास के लिए ऐश के जिम्मेदार एवं उत्पादक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योगों द्वारा फ्लाई ऐश के उपयोग को बढ़ावा देने से रोजगार सृजन, उद्यमिता तथा सतत आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं.उन्होंने PVUNL द्वारा 100 प्रतिशत ऐश उपयोगिता के लक्ष्य की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने स्थानीय उद्योगों, उद्यमियों, MSMEs एवं अन्य हितधारकों से ऐश उपयोग की पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा ऐश आधारित उत्पादों एवं व्यवसायों के विकास की संभावनाओं को तलाशने का आह्वान किया.
सेहगल ने कहा कि पात्र स्थानीय उपयोगकर्ताओं एवं उद्योगों के लिए लागू दिशा-निर्देशों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप ऐश माउंड से ऐश की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में PVUNL द्वारा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐश के उपयोग में स्थानीय भागीदारी बढ़ने से पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय उद्योगों के सुदृढ़ीकरण तथा आसपास के समुदाय के समावेशी आर्थिक विकास के लिए एक विन-विन इकोसिस्टम विकसित किया जा सकता है.
इस अवसर पर अरुण कुमार सिंह, GM (O&M) तथा श्री आर.के. निरंजन, GM (मेंटेनेंस एवं ऐश उपयोगिता) ने भी ऐश के अभिनव एवं प्रभावी उपयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने स्थानीय स्तर पर ऐश आधारित उत्पादों एवं अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने तथा उपलब्ध संसाधन का अधिकतम उत्पादक उपयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
झारखंड स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सचिव शिवम सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाने तथा MSMEs के लिए नए अवसर सृजित करने में ऐश उपयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने स्थानीय उद्यमियों एवं औद्योगिक इकाइयों से ऐश आधारित उत्पादों एवं अनुप्रयोगों की बढ़ती मांग से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया.
कार्यक्रम के दौरान सी. पांडेय, AGM (NI), NTPC रायपुर द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किया गया. उन्होंने ऐश उपयोग, इसके विभिन्न अनुप्रयोगों तथा उद्योगों एवं अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध संभावनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की. वहीं INSWAREB के निदेशक श्री एन. कालिदास ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए फ्लाई ऐश एवं बॉटम ऐश के उपयोग तथा इसके अभिनव एवं पर्यावरण-अनुकूल अनुप्रयोगों की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए.कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों एवं गांवों से JSLPS की महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की सदस्यों, ब्लॉक/इंटरलॉकिंग टाइल्स बनाने वाले स्थानीय उद्यमियों तथा अन्य स्थानीय उपयोगकर्ताओं ने भाग लिया. कार्यक्रम में 70 से अधिक प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही.
ऐश यूजर मीट ने PVUNL, स्थानीय उद्योगों, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों, उद्यमियों तथा तकनीकी विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां प्रतिभागियों ने फ्लाई ऐश एवं बॉटम ऐश के संभावित उपयोगों, तकनीकी पहलुओं तथा व्यावसायिक अवसरों को समझने के साथ-साथ भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया.
PVUNL द्वारा आयोजित यह पहल ऐश को अपशिष्ट के बजाय उपयोगी संसाधन के रूप में स्थापित करने, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने तथा पर्यावरणीय स्थिरता के साथ क्षेत्र के समावेशी आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
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