सागर कुमार/न्यूज11 भारत
भुरकुंडा/डेस्क: भुरकुंडा में संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा के नेतृत्व में संगम खुली खदान क्षेत्र में विस्थापितों एवं प्रभावित ग्रामीणों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रस्तावित आंदोलन एवं चक्का जाम कार्यक्रम के संदर्भ में आज प्रबंधन एवं प्रशासन के साथ महत्वपूर्ण वार्ता हुई.वार्ता के दौरान मोर्चा द्वारा भूमि अधिग्रहण के बदले नौकरी, उचित मुआवजा, पुनर्वास, स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार, ट्रांसपोर्टिंग कार्य, रोड सेल चालू करने, CSR के तहत विकास कार्य, इको पार्क में रोजगार एवं विस्थापित पहचान पत्र निर्गत करने सहित विभिन्न मांगों को मजबूती से रखा गया.
प्रबंधन द्वारा संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा को लिखित आश्वासन दिया गया कि दिनांक 19/05/2026, दिन मंगलवार, प्रातः 11:00 बजे त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रबंधन, प्रशासन एवं विस्थापित प्रभावित ग्रामीणों के प्रतिनिधि शामिल होकर मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए समाधान निकालने का प्रयास करेंगे.
प्रबंधन के लिखित आश्वासन एवं सकारात्मक पहल को देखते हुए संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा द्वारा फिलहाल प्रस्तावित आंदोलन एवं चक्का जाम कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है.
मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यदि त्रिपक्षीय वार्ता में विस्थापितों एवं प्रभावितों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आगे व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सी.सी.एल. प्रबंधन एवं प्रशासन की होगी.
संयुक्त विस्थापित प्रभावित मोर्चा ने सभी विस्थापितों, ग्रामीणों एवं आंदोलनकारियों से एकजुट रहकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की अपील की है.
आंदोलन में प्रमुख नेतृत्व कर्ता साथीगण संतोष मांझी, राणा प्रताप सिंह, झारी मुंडा, अनिल एक्का, संजय मांझी, फुलेश्वर राम, अभिजीत मांझी, राजाराम प्रसाद, विरेंद्र गागु, अजय साहू, उमेश बड़ाईक, हिरण्यम मांझी, कृष्णा मांझी, रोहित मुंडा सुनील बेदिया, मयूर सिंह, जयमंगल बेदिया, परमवीर सिंह, राजकुमार साहू, दीपक मुंडा, नरेंद्र बेदिया, महेंद्र सिंह, राजेंद्र मुंडा, मिलन मुंडा, राकेश मांझी, मनन सिंह, बिंदु मुंडा, जगनाथ मुंडा, राजेंद्र पाहन, शंकर मुंडा, बबलू मुंडा, राजकृष्ण सिंह, जगा मांझी, राजू मुंडा, मुकेश सिंह, राजीव सिंह, सूरज मुंडा, विरेंद्र मुंडा, विजय कुमार टुडू, पिल्लू महतो, देवेंद्र सिंह, राजीव मुंडा, मनोज सिंह, रूपलाल मुंडा, नरेश बेसरा, ललमुनी देवी, कविता देवी, मीना देवी, हीरा देवी, रानी कुमारी मांझी, लक्ष्मी देवी, गीता देवी, सरिता देवी, चूनी देवी, नगीना कुम्हार, फुलमनी देवी, गायत्री देवी, ललिता देवी, सुमन देवी, चमेली देवी, बाडो मुंडी, गीता देवी एवं किरण देवी सहित सैकड़ों विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीण उपस्थित रहे.
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