संतोष श्रीवास्तव /न्यूज़ 11 भारत
पलामू/डेस्क: ईद उल फित्र के मौके पर पलामू जिला के हुसैनाबाद व हैदरनगर की विभिन्न मस्जिदों में मुसलमानों ने ईद की नमाज अता करने काली पट्टी लगा कर पहुंचे और काला बिल्ला लगाकर नमाज अता की. नमाज के बाद मस्जिद के बाहर एकजुट होकर केंद्र सरकार के वक्फ बोर्ड संशोधन बिल का शांतिपूर्ण विरोध किया.
इस दौरान सभी ने हाथ उठाकर एक स्वर में बिल को वापस लेने की मांग की. हैदरनगर की बड़ी मस्जिद के पेश इमाम अहमद अली खान रजवी ने सबसे पहले सभी देशवासियों को ईद की मुबारकबाद दी. इसके बाद उन्होंने कहा, "सरकार हमारी धार्मिक आजादी पर रोक लगाने की साजिश कर रही है. मुसलमानों द्वारा चार-पांच सौ साल पहले दान की गई जमीन जैसे मदरसा, मस्जिद, कब्रिस्तान पर सरकार कब्जा करना चाहती है. इन जगहों पर पढ़ाई और धार्मिक कार्य होते हैं. सरकार इन्हें अपने तरीके से इस्तेमाल करना चाहती है. "

उन्होंने आगे कहा, "केंद्र और राज्य सरकार हमारे कानून में हस्तक्षेप न करे. हम जैसे इन जगहों का इस्तेमाल करते आए हैं, वैसे ही करने दिया जाए. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन बिल से हमारी आजादी सीमित की जा रही है. यह अनुचित है. इसे हम किसी कीमत पर नहीं होने देंगे. हम 2014 से पहले जैसे भारत हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी मोहब्बत के साथ रहते आए हैं. वैसे आगे भी मिलजुल कर रहेंगे. हमें तोड़ने की साजिश करने वाले खुद टूट जाएंगे. उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ की एक आवाज पर मुसलमान सड़कों पर उतर कर भी विरोध करेंगे. जरूरत पड़ी तो हम अपनी जान दे देंगे, मगर इस काले कानून को लागू नहीं होने देंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें सौगात ए मोदी नहीं चाहिए. बस देश का माहौल 2014 के पहले वाला कायम रखें, यही काफी है.

उन्होंने अनत में कहा, "उनकी नापाक साजिश कभी सफल नहीं होने दी जाएगी. सरकार हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को बनाए रखे. ऐसे बिलों से समाज में खटास आएगी. सरकार अमन और शांति बनाए रखे. जिस मस्जिदों में काली पट्टी लगा कर मुसलमान पहुंचे इनमें ईदगाह हुसैनाबाद, इस्लामगंज, राज टोली मस्जिद, चिक टोली मस्जिद, हैदरनगर बाजार मस्जिद, करीमनडीह मस्जिद, कबरा खुर्द मस्जिद, तारा मस्जिद, रामबांध मस्जिद, सबनवा मस्जिद, कोशिया ईदगाह आदि शामिल है."