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रांची/डेस्क: चैती दुर्गा पूजा के सप्तमी के दिन चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन एक नवजात बच्ची के किलकारी से गूंज उठी. एक महिला रेल यात्री ने स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो पर नवजात बच्ची को जन्म दिया. बच्ची का जन्म इतना आसान भी नहीं था. लेकिन एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के बाद स्टेशन में मौजूद महिला आरपीएफ जवान, महिला रेल कर्मी और रेलवे अस्पताल की महिला डॉक्टर का ऐसा सहयोग मिला की महिला की स्टेशन में ही सामान्य प्रसव कराया गया.
दरअसल, सरायकेला खरसावां जिले के कुचाई क्षेत्र के कासीडीह गांव में रहने वाले दैनिक मजदूर सुनील कुमार और अपनी गर्भवती पत्नी लक्ष्मी देवी के इलाज और अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए चक्रधरपुर आये थे. उन्होंने चक्रधरपुर के पम्प रोड में एक निजी चिकित्सक के क्लिनिक पर अल्ट्रासाउंड करवाया. जहां उसे डॉक्टर ने कुछ ही दिनों में प्रसव होने की जानकारी दी. इसके बाद दंपत्ति वापस घर कुचाई लौटने के लिए चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचा. उन्होंने ट्रेन संख्या 22862 काँटाबजी हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस ट्रेन से राजखरसावाँ जाने के लिए चक्रधरपुर से सिनी तक का टिकट कटवाया था. सीढ़ी से चढ़कर गर्भवती महिला लक्ष्मी देवी स्टेशन के प्लेटफोर्म संख्या दो पर जैसे ही उतरी. वैसे ही उसे जोर से प्रसव पीड़ा होने लगी.
महिला डॉक्टर, आरपीएफ जवान, रेलकर्मी और रेलयात्री बीने की मददगार
उसकी प्रसव पीड़ा बर्दाश्त से बाहर होती जा रही थी. स्टेशन में क्या करे क्या ना करे जैसी स्थिति बन गयी थी. पति सुनील कुमार भी बदहवास यहां-वहां मदद की गुहार की नज़रों से प्लेटफोर्म के चारों तरफ देख रहा था. तभी अचानक दो महिला आरपीएफ जवान आरक्षी प्रिया कुमारी और कविता वहां पहुंची और गर्भवती महिला की परेशानी को पूछी. जैसे ही महिला ने उन्हें प्रसव पीड़ा की बात कही, महिला आरक्षी ने तुरंत इसकी सूचना अपने स्टेशन मैनेजर कन्हैया किशोर खा को दी. आरपीएफ सब इंस्पेक्टर इन्द्रजीत कुमार भी मौके पर पहुंचे. इसके बाद चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल को सूचना देकर आपातकाल चिकित्सा के लिए मेडिकल टीम को स्टेशन बुलाया गया.
प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला ने स्टेशन में दिया बच्ची को जन्म
सूचना पाते ही चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल की महिला डॉक्टर नंदिनी अन्य चिकित्सा कर्मियों और एम्बुलेंस सेवा के साथ फौरन स्टेशन पहुंची. प्लेटफार्म संख्या दो के अर्धनिर्मित लिफ्ट के पास प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला का ईलाज डॉ नंदिनी ने शुरू किया. महिला आरपीएफ जवान, महिला रेलकर्मी, महिला यात्रियों ने कपड़े से घेरकर स्टेशन में ही महिला का प्रसव कराया. खास बात यह रही की सभी के सहयोग से महिला का सामान्य प्रसव हुआ और महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया.
स्टेशन में गूंजी बच्ची की किलकारी
चैती दुर्गा पूजा के सप्तमी के दिन नवजात बेटी के किलकारी से चक्रधरपुर स्टेशन गूंज उठा. सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गयी. इसके बाद प्रसूता महिला लक्ष्मी देवी और उनके नवजात बच्ची को चक्रधरपुर के रेलवे अस्पताल ले जाया गया. जहाँ उनका ईलाज जारी है. डॉक्टर नंदिनी ने बताया की महिला का प्रसव काफी मुश्किल हो गया था. बच्चा बीच में ही फंसा रह गया था. लेकिन मेडिकल टीम के जाने के बाद प्रसव सामान्य रूप से पूरा हो गया. जच्चा बच्चा दोनों खतरे से बाहर हैं. दोनों को फिलहाल रेलवे अस्पताल में जरुरी चिकित्सा सुविधा देकर चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है.

प्रसव पीड़ा की इस घटना ने इस दर्द को भी सामने लाने का प्रयास किया है कि खरसावां क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं के चिकित्सा जांच की उचित व्यवस्था नहीं है. जिसके कारण राजखरसावाँ और आसपास की गर्भवती महिलाओं को चक्रधरपुर का रुख करना पड़ता है. जरुरत है राजखरसावां में गर्भवती महिलाओं को उचित सरकारी चिकित्सा व्यवस्था की ताकि उन्हें प्रसव की ऐसी कठिन पीड़ा से ना गुजरना पड़े.