न्यूज11 भारत
रांची/डेस्कः- एक महिला का आधा शरीर काम करना बंद कर चुका था, तकलीफ इतनी थी कि पति के पास इलाज करने का पैसा तक नहीं था. इसके वजह से उसे अस्पताल में ही छोड़ दिया गया. अब समस्या ये आन पडी है कि अस्पताल ने उसकी देखभाल में असमर्थता जाहिर कर दी है. मामला अभी कोर्ट पहुंच गया है. बता दें कि ये मामला पश्चिम बंगाल के कोलकाता की है. टाइम्स ऑफ इंडिय़ा के एक रिपोर्ट में बताया गया है कि महिला को सितंबर 2021 में अस्पताल में भर्ती करवाया था. उस समय उन्हे उसके सर चोट लगी थी. महिला की न्यूरो सर्जरी के साथ और भी कई सर्जरी हुई है. लास्ट में उन्हे बचा तो लिया गया पर शरीर उसका काम करना बंद कर दिया. हालत में सुधार होने के बाद भी पति जयप्रकाश ने पत्नी को अपना घर ले जाने से इनकार कर दिया. इसके बाद अस्पताल ने अदालत जाने का फैसला किया. जब कोर्ट में जस्टिस ने गुप्ता से सवाल किया तो उसने कहा कि वो एक दुकान चलाता है औऱ उसे पत्नी का ख्याल रखने का कोई साधन नहीं है.
बकाया राशि 1 करोड़ रुपए की
अस्पताल के तरफ वाला वकील ने कहा कि महिला का इलाज व सर्जरी किया गया है जिसमें 6 लाख रुपए का इंश्योरेंस भी खत्म हो गया है. वकील का कहना है कि अस्पताल का बकाया राशि 1 करोड़ रुपए का है, वकील ने ये भी कहा है कि गुप्ता ने वैकल्पिक परिवार शुरु कर दिया है. जस्टिस सिन्हा ने 9 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने को कहा है, साथ में गुप्ता को भी हाजिर होने को कहा है. इस दौरान पारिवारिक मुद्दे पर कोर्ट ने कोई बात नहीं की. सरकारी वकील ने तकहा कि सरकार के पास मुफ्त सेवा के लिए शेल्टर होते हैं. लेकिन सरकारी शेल्टर के मालिक बीमार मरीज के जानकार नहीं होते.