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रांची/डेस्क: कभी अजीबोगरीब आवाजें आना तो कभी किसी का कंबल छीनना. फिल्मों में हमेशा देखा है कि अक्सर लोगों को डराने के लिए ऐसे ही तरीके अपनाएं जाते हैं. पर क्या होगा अगर ये Reel life थ्योरी Real Life में बदल जाए. दिल्ली की तिहाड़ जेल, जो एशिया की सबसे बड़ी जेल मानी जाती है, अक्सर चर्चा में रहती हैं. लेकिन इस बार चर्चा की वजह कोई कैदी नहीं बल्कि जेल नंबर 4 से जुडी डरावनी कहानियां हैं. तिहाड़ जेल नंबर 4 के कई कैदी दावा करते है कि उन्होंने यहां असामान्य घटनाओं का सामना किया हैं. कुछ कैदियों का कहना है कि उन्हें रात में कुछ अजीब-सी आवाजें सुनाई देती है, कभी ऐसा लगता है मानो कोई उनका कंबल खींच लेता हैं. वहीं कुछ को ऐसा लगता है कि किसी ने उन्हें थप्पड़ मारा हो. लेकिन असल सच्चाई क्या है ये आज तक किसी को पता नहीं चल पाया हैं. तो आइए जानते है तिहाड़ जेल नंबर 4 के कैदी से कि आखिर उनका अनुभव क्या कहता हैं.
एक ट्रिपल मर्डर केस में आरोपी रह चुके एक कैदी ने जेल से बाहर आने के बाद बताया "मैं 15 महीने तक जेल नंबर 4 में था. शुरू में मुझे भूतों की कहानियां सिर्फ अफवाह लगती थी लेकिन कुछ दिनों बाद मैंने खुद रात में अजीब आवाजें सुनी. फिर एक रात मुझे ऐसा महसूस हुआ कि किसी ने मुझे जोर से थप्पड़ मारा लेकिन जब मैंने देखा तो वहां कोई नहीं था." जेल नंबर 4 के कई कैदी दावा करते है कि उन्होंने मकबूल बट का भूत देखा है, जिसे 1984 में फांसी दी गई थी. वहीं 2013 में फांसी पर चढ़ाए गए कश्मीरी अलगाववादी अफजल गुरु की आत्मा भी यहां देखे जाने की चर्चा हैं. हालांकि इस बात का कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं.
इस मामले में सर गंगाराम अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. राजीव मेहता का कहना है कि जेल में कैदियों को मानसिक तनाव और अकेलेपन का सामना करना पड़ता है, जिसकी वजह से उनके दिमाग में भूत-प्रेत जैसी चीजें घर कर सकती हैं. यह सिर्फ उनकी मानसिक अवस्था का परिणाम हो सकता हैं. वहीं तिहाड़ जेल के पीआरओ राज कुमार ने इन सभी दावों को कोरी अफवाह बताया और कहा कई अभी तक किसी भी सीसीटीवी कैमरे में कोई असामान्य गतिविधि रिकॉर्ड नहीं हुई हैं.