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रांची/डेस्क: 1 अप्रैल से देशभर के प्रमुख बैंकों में बैंकिंग नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे है, जो सीधे तौर पर लाखों खाताधारकों को प्रभावित करेंगे. SBI Bank, HDFC Bank, PNB Bank, Canara Bank, Axis Bank जैसे बैंकों के नियमों में बदलाव से आपका बैंकिंग सेवाओं का अनुभव नया और थोड़ा अलग हो सकता हैं. जानिए क्या बदलने वाला है और इसका आपके खाते पर क्या असर होगा.
क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव
बैंकिंग की दुनिया में एक और बड़ा बदलाव आ रहा हैं. एसबीआई और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक क्लब विस्तारा क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव कर रहे हैं. अब से क्लब विस्तारा एसबीआई प्राइम और क्लब विस्तारा एसबीआई क्रेडिट कार्ड के लिए वाउचर सुविधाएं और रिन्यूअल बेनिफिट्स समाप्त हो जाएंगे. माइलस्टोन बेनिफिट्स पर भी अब आपको ध्यान नहीं देना होगा. आईडीएफसी फर्स्ट बैंक भी इस तरह केर बदलाव करेगा. एक्सिस बैंक का विस्तारा क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव 18 अप्रैल से लागू होगा.
मिनिमम बैलेंस में बदलाव
अगर आपका खाता किसी पब्लिक सेक्टर बैंक में है तो ध्यान दें. अब से आपको अपने सेविंग अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना होगा और यह बैलेंस आपकी लोकेशन (अर्बन, सेमी अर्बन या ग्रामीण) के हिसाब से निर्धारित होगा. अगर आपने इसे बनाए रखने म एं चूक की, तो जुर्माना देना पड़ सकता हैं.
पॉजिटिव पे सिस्टम
सुरक्षा को बढ़ाने के लिए कई बैंक पॉजिटिव पे सिस्टम शुरू करने जा रहे हैं. 5000 रूपए से अधिक के चेक भुगतान के लिए अब चेक में दर्ज जानकारी को सत्यापित करना अनिवार्य होगा. यह कदम धोखाधड़ी के मामलों को कम करने में मदद करेगा.
एटीएम से जुड़े बदलाव
अगर आप अक्सर एटीएम से पैसे निकालते है तो यह खबर आपके लिए हैं. अब से हर महीने अपनी बैंक के एटीएम से तीन बार से अधिक फ्री ट्रांजैक्शन करने पर आपको अतिरिक्त शुल्क देना होगा. अन्य बैंकों के एटीएम से लेनदेन पर बी ही आपको 20-25 रूपए का चार्ज लग सकता हैं.
डिजिटल बैंकिंग का नया दौर
वर्तमान में बढ़ते डिजिटल लेन-देन के साथ बैंकों ने मोबाइल बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाओं को एक नया रूप देने की योजना बनाई हैं. अप्रैल से बैंकिंग ऐप्स में कुछ नए फीचर्स जोड़े जाएंगे, जैसे कि AI चैट बॉक्स और टू-फैक्टर वेरिफिकेशन की मजबूत व्यवस्था. ये सभी कदम डिजिटल लेन-देन को और अधिक सुरक्षित बनाएंगे.
एफडी और सेविंग अकाउंट पर ब्याज दरों में बदलाव
बचत खातों और एफडी पर अब ब्याज दरें आपके खाते के शेष के आधार पर निर्धारित होंगी. पब्लिक सेक्टर बैंकों ने इसकी शुरुआत की है और यह बदलाव 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा.