न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
पुरुषोत्तम कुमार/जमुई: नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ बदसलूकी के वीडियो को बिना ब्लर किए वायरल करने और पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में अब पुलिस वैसे सोशल मीडिया से जुड़े एकाउंट को खंगालने में जुट गई है। इस दौरान जमुई जिले के अलावा अन्य इलाकों के करीब 120 सोशल मीडिया आईडी को चिन्हित कर एफआईआर दर्ज की गई है।
उक्त जानकारी सोमवार की रात एसपी विश्वजीत दयाल ने प्रेस वार्ता के दौरान दी है। उन्होंने बताया कि वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला कोई भी फोटो या वीडियो सार्वजनिक करना कानूनन अपराध है।
पोक्सो एक्ट की धारा 23 के तहत पीड़िता की पहचान उजागर करने पर कार्रवाई का प्रावधान है। इसी के तहत बिना चेहरा ब्लर किए वीडियो साझा करने वाले इंटरनेट मीडिया अकाउंट को चिह्नित किया जा रहा है।
अब तक 120 इंटरनेट मीडिया अकाउंट चिह्नित किए गए हैं। इनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स अकाउंट शामिल हैं। इन अकाउंट के खिलाफ टेकडाउन की कार्रवाई शुरू की गई है। एसपी ने आम लोगों से अपील की है कि वायरल फुटेज को डाउनलोड, शेयर या दोबारा पोस्ट नहीं करें।
यदि किसी व्यक्ति के मोबाइल पर यह वीडियो आया है तो उसे आगे प्रसारित करने के बजाय तत्काल डिलीट कर दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नाबालिग की पहचान उजागर करने या वीडियो प्रसारित करने पर पोक्सो एक्ट की धारा 23 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 के तहत कार्रवाई हो सकती है।