न्यूज 11 भारत, बिहार डेस्क
राहुल कुमार/शेरघाटी: गया जिले के बांकेबाजार प्रखंड के रौशनगंज थाना क्षेत्र के आजमगढ़ गांव में शनिवार को एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान आजमगढ़ गांव निवासी अमरेश कुमार विश्वकर्मा की 23 वर्षीय पत्नी गुंजा कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, पति का कहना है कि मोबाइल के लॉक और पासवर्ड को लेकर शुक्रवार की रात से ही दोनों के बीच विवाद चल रहा था। घटना की सूचना मिलते ही रौशनगंज थानाध्यक्ष अनुरजा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और मामले की जांच शुरू की।
पति के अनुसार मोबाइल के पासवर्ड को लेकर हुआ था विवाद
मृतका के पति अमरेश कुमार विश्वकर्मा के अनुसार, शुक्रवार की रात मोबाइल के लॉक और पासवर्ड को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। पति ने बताया कि उसे पत्नी के किसी अन्य युवक से बातचीत करने का शक था। इसी बात को लेकर रात करीब 10 से 11 बजे के बीच मोबाइल का लॉक खोलने को लेकर दोनों में कहासुनी हुई। हालांकि, पत्नी ने मोबाइल का लॉक नहीं खोला।
अमरेश के अनुसार, शनिवार की सुबह गुंजा ने घर का काम किया और खाना बनाने के बाद परिवार के लोगों को खाना खिलाया। इसके बाद वह दुकान जाने की तैयारी कर रहा था। दुकान जाने से पहले उसने एक बार फिर पत्नी से मोबाइल का लॉक खोलने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच दोबारा विवाद हो गया।
पति का कहना है कि गुस्से में उसने अपना और पत्नी का मोबाइल जमीन पर पटक दिया और करीब 10 मिनट बाद दुकान चला गया। कुछ देर बाद उसके भाई ने दुकान पर पहुंचकर गुंजा के फंदे से लटके होने की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे।
मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप
इधर, मृतका की मां सुमित्रा देवी ने घटना को लेकर अलग दावा किया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की रात गुंजा ने फोन कर पति के साथ विवाद होने की जानकारी दी थी। उसने अपने पिता रामकृत विश्वकर्मा से भी बात कराने को कहा था। परिवार की ओर से सुबह आजमगढ़ पहुंचकर मामले को समझाने की बात कही गई थी।
मृतका की मां का आरोप है कि शनिवार की सुबह मायके पक्ष को गुंजा के जहर खाने की जानकारी दी गई। इसके बाद जब परिवार के लोग आजमगढ़ पहुंचे तो गुंजा की मौत हो चुकी थी। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर बेटी की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, मायके पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया शव
घटना की सूचना मिलने के बाद रौशनगंज थानाध्यक्ष अनुरजा ने पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल लाया, जहां चिकित्सकीय जांच कराई गई। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में जहर खाने की पुष्टि नहीं हुई है। गर्दन पर लाल निशान पाए जाने के कारण प्रथम दृष्टया मामला फांसी लगाने का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया है। पुलिस पति और मायके पक्ष के अलग-अलग बयानों को ध्यान में रखते हुए मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
डेढ़ वर्ष पहले हुई थी शादी
परिजनों के अनुसार, गुंजा कुमारी की शादी 17 अप्रैल 2025 को बांकेबाजार स्थित शिव मंदिर में अमरेश कुमार विश्वकर्मा के साथ रीति-रिवाज से हुई थी। गुंजा का मायका डोभी प्रखंड के घोड़ाघाट बहेरा थाना क्षेत्र में बताया गया है। उसके पिता का नाम रामकृत विश्वकर्मा और मां का नाम सुमित्रा देवी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
विवाहिता की मौत को लेकर पति और मायके पक्ष के बयानों में अंतर सामने आया है। पति जहां फांसी लगाने की बात बता रहा है, वहीं मायके पक्ष ने पहले जहर खाने की सूचना दिए जाने और बाद में मौत होने की बात कही है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गुंजा की मौत किन परिस्थितियों में हुई।