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रांची/डेस्क: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के तीन भाषा नियम को लेकर मचे हंगामे के बीच बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छठी कक्षा के छात्रों के लिए बनाए गए तीन भाषा नियम से कोई छूट नहीं मिलेगी. सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात रखी थी. इस पर कोर्ट ने सीबीएसई को सलाह दी है कि इस नियम को जनवरी 2027 से लागू किया जाए.
सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हुई अहम सुनवाई में तीन भाषा नियम पर अपना पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि यदि वर्तमान बैच को इस व्यवस्था से बाहर रखने से आगे की कक्षाओं में पढ़ाई की निरंतरता प्रभावित होने लगेगी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट सीबीएसई को फिर अपने रुख पर पुनः विचार करने का सुझाव देते हुए यह भी कहा कि में तीन-भाषा व्यवस्था की अनिवार्यता जनवरी 2027 से लागू की जाए..मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सीबीएसई को यह सुझाव दिया है.
सीबीएसई ने अदालत में स्थिति को स्पष्ट किया कि यदि इसी स्तर पर विद्यार्थियों को छूट या फिर राहत दे दी गई तो तो सातवीं और आठवीं कक्षा में पहुंचने के बाद इस व्यवस्था के अनुरूप ढालने में कठिनाई आ सकती है. विद्यार्थियों को शैक्षणिक नुकसान की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. यही चिंता सीबीएसई ने अदालत के सामने रखी और वर्तमान छठी कक्षा के छात्रों को छूट देने से इनकार किया.
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