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रांची/डेस्क: असम के सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने संबोधित किया. जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री ने साहिल मुंडा को क्षेत्र की नई उम्मीद बताया और विरोधियों पर जमकर प्रहार किया.
सामाजिक परिवर्तन का चेहरा हैं साहिल मुंडा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में आना केवल सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं है, बल्कि एक व्यापक सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत है. साहिल मुंडा केवल एक प्रत्याशी नहीं, बल्कि वंचित समाज की बुलंद आवाज हैं. इनका लक्ष्य विधायक की कुर्सी पाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास पहुँचाना है. असम के इस क्षेत्र में झारखण्डी अस्मिता और स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए साहिल मुंडा से बेहतर विकल्प कोई और नहीं हो सकता.
स्थानीय अधिकारों की लड़ाई
सोरेन ने कहा कि साहिल मुंडा ने हमेशा पद के लालच से ऊपर उठकर जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष किया है. अब समय आ गया है कि उन्हें सदन में भेजकर इस आवाज को और मजबूत किया जाए. मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा के नेतृत्व में संगठन जमीनी स्तर पर मजबूत हो रहा है. वे युवाओं को केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार कर रहे हैं. सोरेन ने बताया कि जेएमएम के नेतृत्व में सरूपथर में शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय स्वायत्तता के मुद्दों पर ऐतिहासिक काम किया जाएगा.
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