न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: फ्लाईदुबई एयरलाइंस में हुई खौफनाक घटना में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार के दिलेर कारनामे की देश और दुनिया में सराहना हो रही है. घटनाक्रम की खबरें मिलने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर स्मित मच्छार को असली हीरे बताते हुए सराहना तो की ही, आज पीएम मोदी ने भारतीय पायलट को वीडियो कॉल कर उनसे बातचीत भी की और उनके कारनमे की जमकर सराहना की.
पीएम ने पहले तो उनका हालचाल जाना और उनके अदम्य साहस की सराहना करते हुए उनसे खौफनाक घटनाक्रम के अनुभव के बारे में भी पूछा. उनसे यह भी पूछा कि उनमें आखिर इतना साहस कहां से आया. इस बातचीत में भारतीय पायलट ने उस समय की मानसिक स्थिति, हिम्मत-हौसला जुटाने के बारे में विस्तार से अनुभव साझा किया. प्रधानमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि उनके असाधारण पराक्रम ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान अपने सम्बोधन में भी कैप्टन मछार की दिलेरी का विशेष उल्लेख किया और कहा कि उनके साहस ने कितना बड़ा हादसा टाल दिया.
30 सितम्बर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में जो कुछ भी हुआ, उससे अब पूरी दुनिया वाकिफ हो चुकी है. और इस भारतीय पायलट की दिल खोलकर सराहना कर रही है. विमान में हमला अचानक हुआ था. उनसे साथी ओमानी-पायलट ने ही यह हिंसक हमला किया था. इस हमले में मच्छार बुरी तरह से घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने हमलावर पायलट को कब्जे में किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला जिससे वहां क्या हुआ यह सबसे पता चल गया. इसके बाद विमान में मौजूद सहयोगी पायलटों के साथ यात्रियों ने भी साहस का परिचय देते हुए हमलावर पायटल को कब्जे में किया तब जाकर स्थिति सामान्य हो पायी. बता दें कि इस अफरातरफी में विमान 14000 फीट हवा में नीचे भी आ गया था, लेकिन मच्छार ने स्थिति सम्भाल ली और उसके बाद विमान को दुबई हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया. इतना सब हो जाने के बाद घायल मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार ने स्थिति का मुकाबला डटकर किया और विमान का नियंत्रण हाथ से नहीं जाने दिया.