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रांची/डेस्क: JSSC CGL की परीक्षा रद्द करने के मामले में झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. प्रार्थियों की ओर से मामले में जवाब दाखिल किया गया. मामले में प्रार्थियों की ओर से बहस पूरी कर ली गयी है. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सीलबंद लिफाफे में 2 रिपोर्ट पेश किए गए. सरकार की ओर से पक्ष रख रहीं वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा के पास रिपोर्ट की कॉपी नहीं होने के कारण बहस चली. सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पूछा कि 3 साल में जांच क्यों नहीं पूरी हुई? जांच में अचानक से कैसे तेजी आ गई?
सुनवाई के दौरान सरकार के पक्ष ने कहा कि JPSC की जांच शुरू हुई तब CGL का कनेक्शन भी मिला. अभय तिवारी, उसका भाई और भाभी CGL में सेलेक्ट हुई. बहुत सारे फैक्ट्स कैबिनेट में रखे गए, जिसके बाद कैबिनेट ने परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया. इन्वेस्टीगेशन में पता चला कि सिर्फ नेपाल ही नहीं, बल्कि कई ऐसे स्थान थे जहां पर आंसर रटवाए गए. कई का पता चला, लेकिन कई का पता लगाना कठिन है. इस प्रकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट के कई जजमेंट हैं. इतने अभ्यर्थियों में से सही और गलत का पता कर पाना कठिन है. मामले में कल 11 बजे से फिर सुनवाई होगी.