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रांची/डेस्क: पलामू टाइगर रिजर्व में रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (RFO) और असिस्टेंट फॉरेस्ट कंजर्वेटर (ACF) के रिक्त पदों पर नियुक्ति से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने नियुक्ति प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति पर राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया.
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि संबंधित नियुक्ति के लिए JPSC द्वारा मुख्य परीक्षा (मैन्स) का परिणाम जारी किया जा चुका है, लेकिन आयोग में वर्तमान में नियमित चेयरमैन की नियुक्ति नहीं होने के कारण आगे की प्रक्रिया प्रभावित है. साथ ही यह भी कहा गया कि यह परीक्षा भी जांच के दायरे में आ सकती है, क्योंकि वर्तमान में संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (Combined Civil Services Examination) की जांच CID द्वारा की जा रही है. इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली ठप नहीं होने दी जा सकती. अदालत ने कहा कि "फंक्शनिंग को पैरालाइज नहीं होने देंगे."
खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि JPSC में नए चेयरमैन की नियुक्ति कब तक की जाएगी. अदालत ने यह भी कहा कि यदि नियमित नियुक्ति में समय लग रहा है तो सरकार किसी सक्षम अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपे या शीघ्र नियमित चेयरमैन की नियुक्ति सुनिश्चित करे, ताकि आयोग की कार्यप्रणाली बाधित न हो. मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त को निर्धारित की गई है.
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