अरुण कुमार यादव/न्यूज़11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के स्थायी एवं त्वरित समाधान की मांग को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा की कांडी प्रखंड कमिटी ने मीडिया पैनलिस्ट सह केंद्रीय सदस्य धीरज दुबे के नेतृत्व में उपायुक्त को सात सूत्री मांगपत्र सौंपा. मांगपत्र के माध्यम से प्रखंड क्षेत्र में व्याप्त बुनियादी समस्याओं की ओर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई. झामुमो नेताओं ने कहा कि कांडी प्रखंड की जनता लंबे समय से कई मूलभूत समस्याओं का सामना कर रही है. इन समस्याओं का प्रभाव आम नागरिकों के साथ-साथ किसानों, विद्यार्थियों, व्यवसायियों तथा प्रखंड कार्यालय में कार्यरत पदाधिकारी-कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है. जनहित से जुड़े इन मामलों के समाधान के लिए प्रशासन से ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा की गई है. मांगपत्र में कांडी प्रखंड मुख्यालय भवन की जर्जर स्थिति को प्रमुखता से उठाया गया है. झामुमो ने कहा कि भवन की छत से पानी का रिसाव होने के कारण कार्यालय में कार्यरत कर्मियों और वहां आने वाले आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है. पार्टी ने भवन निर्माण की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. मांगपत्र में कहा गया है कि यदि जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता अथवा निम्न गुणवत्ता की सामग्री के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो संबंधित संवेदक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकतानुसार राशि की वसूली की जाए. साथ ही भवन की तत्काल स्थायी अथवा आवश्यकतानुसार अस्थायी मरम्मती कराने की मांग की गई है. झामुमो ने कांडी प्रखंड में तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित कर्मचारियों के स्थानांतरण की भी मांग की.
पार्टी ने कहा कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापित रहने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठने की संभावना रहती है. इसलिए सरकार एवं निर्वाचन आयोग के लागू दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्थानांतरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की गई है. किसानों की समस्याओं को लेकर भी झामुमो ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया. मांगपत्र में कहा गया है कि कांडी प्रखंड के विभिन्न इलाकों में नीलगाय द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने की समस्या गंभीर बनी हुई है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. पार्टी ने नीलगाय से होने वाले फसल नुकसान के संबंध में उपलब्ध सरकारी मुआवजा अथवा क्षतिपूर्ति प्रावधानों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए पंचायत एवं गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की, ताकि पात्र किसान सरकारी योजनाओं एवं प्रावधानों का लाभ उठा सकें. सोन एवं कोयल नदी के किनारे स्थित कृषि भूमि में हो रहे कटाव का मामला भी मांगपत्र में प्रमुखता से उठाया गया. झामुमो ने कहा कि नदी कटाव के कारण किसानों की उपजाऊ जमीन लगातार प्रभावित हो रही है. पार्टी ने संवेदनशील क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण एवं सर्वेक्षण कराकर कटाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तटबंध एवं आवश्यक सुरक्षात्मक संरचनाओं के निर्माण का प्रस्ताव सरकार को भेजने की मांग की.
मांगपत्र में कांडी प्रखंड मुख्यालय सहित विभिन्न स्थानों पर सरकारी भूमि, सड़क एवं सार्वजनिक स्थलों पर कथित अतिक्रमण का भी उल्लेख किया गया. झामुमो ने कहा कि अतिक्रमण के कारण आवागमन और सार्वजनिक कार्यों में परेशानी होती है. पार्टी ने सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि का सर्वेक्षण कराकर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अविलंब सुनिश्चित करने की मांग की. कांडी प्रखंड में विद्युत आपूर्ति की समस्या को लेकर भी पार्टी ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया. मांगपत्र में कहा गया कि हल्की बारिश अथवा मौसम खराब होने के बाद कई बार लंबे समय तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है. इससे आम लोगों के अलावा किसान, विद्यार्थी, व्यवसायी और सरकारी कार्यालय प्रभावित होते हैं.झामुमो ने बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर विद्युत व्यवस्था में सुधार, खराब उपकरणों की मरम्मती तथा बिजली बाधित होने की स्थिति में शीघ्र आपूर्ति बहाल कराने की मांग की. सातवीं मांग के रूप में जन वितरण प्रणाली की दुकानों तथा किसानों के लिए खाद, बीज एवं अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध कराने वाली दुकानों की नियमित जांच एवं निगरानी की मांग की गई. पार्टी ने कहा कि पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा एवं उचित मूल्य पर खाद्यान्न तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
इसके लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आवश्यकतानुसार अन्य संबंधित सदस्यों को शामिल कर निगरानी समिति गठित करने तथा नियमित जांच कराने की मांग की गई. इस अवसर पर मीडिया पैनलिस्ट सह केंद्रीय सदस्य धीरज दुबे ने कहा कि कांडी प्रखंड की समस्याएं सीधे आम जनता और किसानों के जीवन से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने कहा कि मांगपत्र राजनीति से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रखने का प्रयास है. उन्होंने जिला प्रशासन से सभी बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया.झामुमो प्रखंड कमिटी ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन मांगपत्र में उठाए गए मुद्दों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई करेगा, जिससे कांडी प्रखंड की जनता को इन समस्याओं से राहत मिल सके. मौके पर प्रखंड अध्यक्ष मुन्ना शर्मा, सचिव अंजनी सिंह, अंकित सिन्हा, धर्मेंद्र यादव सहित दर्जनों लोग मौजूद थे.