पंकज कुमार/न्यूज11 भारत
घाघरा गुमला/डेस्क: घाघरा थाना क्षेत्र के तुरियाडीह गांव में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा शुक्रवार तुरियाडीह में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम प्रशासनिक सुस्ती और लापरवाही के खिलाफ ग्रामीणों के तीखे सुर से गरमाया. मुख्य अतिथि आयोग की सदस्या आशा लकड़ा की उपस्थिति में ग्रामीणों ने शिकायतों का ढेर खोलते हुए कहा कि वर्षों से वे पानी, सड़क, मनरेगा और पेंशन जैसी मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं, पर विभागीय अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं. ग्रामीणों ने कहा कि बिजली की अनियमित आपूर्ति और पेयजल संकट ने जीवन प्रभावित कर रखा है. जर्जर सड़क, मनरेगा कार्यों की सुस्ती, राशन वितरण में मनमानी, धूमकुड़िया और आंगनबाड़ी सेवाओं की लचर व्यवस्था तथा पेंशन योजनाओं में धांधली जैसी समस्याओं के बावजूद अधिकारी सुनने की बजाय टालते हैं मुख्य अतिथि आशा लकड़ा ने मंच से स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदायों के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जो समस्याएं यहीं सुलझ सकती हैं, उन्हें तुरंत सुलझाया जाए, बाकी को प्राथमिकता के आधार पर उच्चस्तर पर भेजा जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों को हल्के में लेने की पुरानी प्रवृत्ति अब नहीं चलेगी. ग्रामीणों को भी हौसला देते हुए कहा कि यदि अधिकारी सुनवाई नहीं करें, तो वे सीधे आयोग को सूचित करें. कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, वनाधिकार और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर खुली बहस हुई. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार कागज पर योजनाओं की सफलता दिखाती है, जबकि गांव की हकीकत इसके उलट है. दबाव के बीच कुछ मामलों का निपटारा मौके पर ही किया गया. वहीं असहायों के बीच कंबल वितरण भी हुआ. इससे पहले अतिथियों का स्वागत कर सम्मानित किया गया. मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी, बीडीओ दिनेश कुमार, कल्याण पदाधिकारी गणेश राम, पंचायत समिति सदस्य रामवृत उरांव, आसीस सोनी, अशोक कुमार, कनीय अभियंता सतीश बंसल, दीपांकर कुमार, घुड़ा उरांव, संतराम उरांव, सावित्री कुजूर, उर्मिला देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
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