संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: पलामू के सांसद वीडी राम ने प्रेस वार्ता कर बताए कि संसद द्वारा हाल ही में पारित खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (MMDR Amendment Bill, 2026) पर अपना पक्ष रखा. उन्होंने इसे झारखंड के विकास, उद्योग, रोजगार और राजस्व वृद्धि के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ बताया.
प्रेस वार्ता के दौरान सांसद द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु:
- राजस्व को कोई नुकसान नहीं: सांसद ने स्पष्ट किया कि विधेयक से राज्य के राजस्व को कोई क्षति नहीं पहुंचेगी. झारखंड को मिलने वाली रॉयल्टी, नीलामी प्रीमियम, DMF, NMET और GST का हिस्सा पहले की तरह सुरक्षित और जारी रहेगा.
- खनिज ब्लॉकों का जल्द संचालन: उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि नीलाम किए गए सभी खनिज ब्लॉकों को जल्द से जल्द शुरू किया जाए, ताकि रोजगार, उद्योग और परिवहन क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकें.
- ₹19,000 करोड़ DMF का पारदर्शी उपयोग: झारखंड के जिलों में जमा DMF फंड की भारी-भरकम राशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, अस्पताल, स्कूल और कौशल विकास के कार्यों में तेजी से करने की मांग की गई.
- 'Mining State' से 'Industrial State' की ओर: उन्होंने केवल कच्चे माल के निर्यात के बजाय राज्य में मिनरल-बेस्ड इंडस्ट्री, प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग की पूरी सप्लाई चेन विकसित करने पर जोर दिया, जिससे स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार मिले.
- पलामू और गढ़वा पर विशेष ध्यान: पलामू और गढ़वा में मौजूद डोलोमाइट, चूना पत्थर, कोयला और ग्रेफाइट जैसे खनिजों का हवाला देते हुए वहां खनिज-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और जपला सीमेंट फैक्ट्री जैसी बंद परिसंपत्तियों को पुनर्जीवित करने की योजना बनाने की मांग की.
- पारदर्शिता और निवेश को बढ़ावा: सांसद ने बताया कि मोदी सरकार की ई-नीलामी और डिजिटल नीतियों से खनन क्षेत्र में पारदर्शिता आई है. MMDR संशोधन से निवेशकों को एक स्थिर व्यवस्था मिलेगी, जिससे निवेश बढ़ेगा.
- राज्य सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग: उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि विधेयक पर राजनीति करने के बजाय नीलाम ब्लॉकों को शुरू करने, DMF फंड का ऑडिट कराने और स्थानीय युवाओं के स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान केंद्रित किया जाए.
सांसद ने विश्वास जताया कि MMDR संशोधन विधेयक 2026 झारखंड की खनिज संपदा को जमीन के नीचे की संपत्ति से जनता की वास्तविक समृद्धि और रोजगार में बदलने में मील का पत्थर साबित होगा.