सरयू राय का हमला

मानगो निगम में नियमों की अनदेखी पर सरयू राय का हमला, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को लिखा पत्र

प्रधान सचिव मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त पर विधिसम्मत कार्रवाई करें: सरयू राय

By : Ark Sahuliyar
मानगो निगम में नियमों की अनदेखी पर सरयू राय का हमला, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को लिखा पत्र

न्यूज़11 भारत 
जमशेदपुर/डेस्क:
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम के वर्तमान अपर नगर आयुक्त के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव से विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है. सरयू राय ने उन्हें लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये की योजनाओं की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई है.  प्रधान सचिव को भेजे पत्र में सरयू राय ने लिखा कि पूर्व में प्रकाशित और प्रक्रिया में आगे बढ़ चुकी निविदाओं को रद्द करने तथा नई निर्धारित दर-सूची जारी होने के बाद भी पुरानी दर-सूची पर 55 योजनाओं की निविदा निकालने पर उन्होंने विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया है.

सरयू राय ने प्रधान सचिव को भेजे पत्र में कहा कि निविदा आमंत्रण सूचना संख्या UDHD/MMC/01/2026-27, दिनांक 13.04.2026 के माध्यम से तत्कालीन उप नगर आयुक्त ने छह योजनाओं के लिए निविदा प्रकाशित की थी. इनकी कुल लागत 3 करोड़ 58 लाख 17 हजार 400 रुपये थी. निविदाएं खोली जा चुकी थीं तथा तुलनात्मक वित्तीय विवरणी तैयार कर नियमानुसार इनके निष्पादन की प्रक्रिया चल रही थी. इन योजनाओं को नगर विकास विभाग से प्रशासनिक स्वीकृति भी प्राप्त थी. इसके बावजूद वर्तमान अपर नगर आयुक्त ने इन निविदाओं का निष्पादन करने के बजाय उन्हें रद्द कर दिया. सरयू राय के अनुसार, इसका सीधा परिणाम यह हुआ कि आवश्यक योजनाओं का क्रियान्वयन लंबित हो गया.

सरयू राय ने UDHD/MMC/04/2025-26, दिनांक 27.09.2025 तथा UDHD/MMC/11/2025-26, दिनांक 15.01.2026 की निविदाओं को रद्द किए जाने पर भी सवाल उठाया है. इन दोनों निविदाओं में कुल 2 करोड़ 6 लाख 90 हजार 540 रुपये की 22 योजनाएं शामिल थीं. सरयू राय ने कहा कि इन निविदाओं को खोला जा चुका था, संवेदकों का चयन हो गया था और कार्यादेश के बाद उनसे अग्रधन भी जमा करा लिया गया था. उनके अनुसार, जिन चयनित संवेदकों ने कार्य शुरू नहीं किया था, उन्हें नियमानुसार तीन सूचनाएं दी जानी चाहिए थीं. इसके बाद भी कार्य शुरू नहीं करने पर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई होनी चाहिए थी. लेकिन ऐसा करने के बजाय निविदाएं ही रद्द कर दी गईं. ये सरासर नियम विरुद्ध है.

सरयू राय ने नई और पुरानी निर्धारित दर-सूची को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न कार्य विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए करीब एक सप्ताह पहले नई निर्धारित दर-सूची प्रकाशित की है. इसके बावजूद दो दिन पूर्व मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त ने पुरानी निर्धारित दर-सूची के आधार पर 55 योजनाओं की निविदा प्रकाशित कर दी. इन योजनाओं की प्राक्कलित राशि 5 करोड़ 58 लाख 5 हजार 870 रुपये है. सरयू राय के अनुसार, नई निर्धारित दर-सूची जारी होने के बाद पुरानी दर-सूची पर योजनाओं की निविदा करना उचित नहीं है.

मानगो नगर निगम में विकास योजनाओं के चयन पर भी जमशेदपुर पश्चिम के विधायक ने सवाल उठाया है. सरयू राय ने कहा कि यथा संशोधित झारखण्ड नगरपालिका अधिनियम-2011 के अनुसार नगर निगमों की सभी कार्यकारी शक्तियां नगर आयुक्तों, अपर नगर आयुक्तों और उप नगर आयुक्तों के पास हैं. इसके बावजूद उनके अनुसार मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त बाहरी दबाव में काम कर रहे हैं और विकास योजनाओं के चयन में भेदभाव कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक होने के नाते वह निगम बोर्ड के पदेन सदस्य हैं. इसके बावजूद वर्तमान अपर नगर आयुक्त द्वारा 55 योजनाओं के लिए प्रकाशित निविदा में उनके कार्यालय द्वारा भेजी गई एक भी योजना शामिल नहीं की गई. सरयू राय ने इसे राजनीतिक दबाव में किया जा रहा भेदभावपूर्ण आचरण बताया है.

अपने पत्र में सरयू राय ने नगर निगम बोर्ड की बैठक को लेकर भी सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि बोर्ड की बैठक प्रत्येक माह होनी चाहिए, लेकिन पिछली बैठक 18 अगस्त 2026 को बुलाई गई थी. यह बैठक भी चार महीने के अंतराल के बाद हुई थी. विधायक के अनुसार, पिछली बैठक हुए एक महीना पूरा हो गया, लेकिन अब तक अगली बैठक बुलाने की सूचना नहीं दी गई है. पिछली बैठक की कार्यवाही भी बोर्ड सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराई गई है. सरयू राय ने कहा कि नियमानुसार बैठक से 72 घंटे पूर्व कार्यसूची सभी प्रतिभागियों को उपलब्ध होनी चाहिए. लेकिन पिछली बैठक में उन्हें कार्यसूची उपलब्ध नहीं कराई गई और अन्य सदस्यों को केवल विचारणीय बिन्दुओं की सूची भेजी गई.

सरयू राय ने मानगो नगर निगम में अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर भी पत्र में सवाल उठाया है. उन्होंने लिखा है कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी विजय कुमार वर्मा का पदस्थापन मानगो नगर निगम में हुआ है. श्री वर्मा अपर नगर आयुक्त से वरीय होने के बावजूद उनके अधीन उप नगर आयुक्त के पद पर कार्य कर रहे हैं. सरयू राय ने पत्र में लिखा है कि सेवा में वरीय अधिकारी का कनीय अधिकारी के अधीन कनीय पद पर काम करना अपने आप में एक विचित्र स्थिति है. उन्होंने सवाल उठाया कि वरीय अधिकारी को कनीय अधिकारी के अधीन कनीय पद पर पदस्थापित करने के पीछे सरकार की क्या मंशा है? हालांकि उन्होंने कहा कि इस पर टिप्पणी करना उन्हें मुनासिब नहीं लगता और इस मामले में सरकार को अपने विवेक के अनुसार निर्णय लेना चाहिए.

सरयू राय ने प्रधान सचिव से आग्रह किया है कि पत्र के बिंदु 1 से 5 में उल्लिखित विवरण के आलोक में कार्य संपादन के दौरान अनियमितता बरतने के लिए मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए. वहीं, बिंदु 6 में उल्लिखित पदस्थापना संबंधी विसंगति के संदर्भ में सरकार से अपने विवेकानुसार निर्णय लेने का अनुरोध किया है. इस पत्र की प्रतिलिपि निदेशक, सूडा, झारखण्ड को भी सूचनार्थ भेजी गई है.

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