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रांची/डेस्क: JPSC 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने के खिलाफ याचिका पर हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने जवाब दाखिल किया है. राज्य सरकार ने 18 अगस्त 2026 की परीक्षा रद्द करने की अधिसूचना को सही ठहराया. सरकार ने कहा कि मामला कुछ अभ्यर्थियों की गड़बड़ी तक सीमित नहीं है. परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं. राज्य सरकार ने दावा किया है कि CID जांच में परीक्षा संचालन और डेटा प्रोसेसिंग में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं. TDPL एजेंसी को परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण काम दिए जाने पर भी सवाल उठाया गया है. OMR में कथित हेरफेर और सॉल्वर गैंग से जुड़े मामलों का सरकार ने जवाब में जिक्र किया.
18 अगस्त की अधिसूचना बरकरार रखने की मांग
सरकार ने कहा कि गड़बड़ी व्यापक हो तो पूरी चयन प्रक्रिया रद्द की जा सकती है. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का काउंटर एफिडेविट में हवाला दिया. सरकार ने कहा कि चयन सूची में नाम या नियुक्ति पत्र मिलना नियुक्ति का अंतिम अधिकार नहीं है. JPSC और जांच एजेंसी को पक्षकार नहीं बनाए जाने पर याचिका की maintainability पर भी सवाल उठाए. याचिकाकर्ताओं की नियुक्तियों के मामले में सरकार ने सार्वजनिक हित का भी हवाला दिया. राज्य ने हाईकोर्ट से याचिका खारिज करने और 18 अगस्त की अधिसूचना बरकरार रखने की मांग की है.