चंचल गिरी/ न्यूज 11 भारत
जामताड़ा डेस्क: मिहिजाम थाना क्षेत्र के पियालसोला गांव से रहस्यमय तरीके से लापता हुआ 16 वर्षीय किशोर आखिरकार पुलिस की तकनीकी सूझबूझ से सकुशल अपने परिवार के बीच पहुंच गया. किशोर के अचानक गायब होने से परेशान परिजनों ने उसके अपहरण की आशंका जताते हुए थाना में शिकायत दर्ज कराई थी. इसी बीच कुछ अज्ञात मोबाइल नंबरों से रुपये की मांग किए जाने की सूचना मिलने पर मामला और गंभीर हो गया था. हालांकि, पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ अपहरण की आशंका गलत साबित हुई. थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि किशोर 28 अगस्त को माता-पिता की डांट से नाराज होकर घर से निकल गया था. बिना किसी को जानकारी दिए वह पटना पहुंच गया. वहां रेलवे स्टेशन के बाहर भूख लगने पर उसने एक दुकान से खाना खाया. भोजन का भुगतान करते समय किशोर ने दुकान में मौजूद UPI स्कैनर की तस्वीर अपने मौसा के मोबाइल नंबर पर भेज दी.इसके बाद उसने उसी UPI माध्यम के जरिए कई बार 100 से 200 रुपये तक की रकम मंगाई. पुलिस ने किशोर की तलाश के दौरान डिजिटल लेन-देन को अहम सुराग बनाया. रुपये के ट्रांजैक्शन की जानकारी खंगालने पर जांच टीम को किशोर के पटना में होने का पता चला.लोकेशन का सुराग मिलते ही मिहिजाम पुलिस ने संबंधित दुकानदार से संपर्क किया और उसके माध्यम से किशोर तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया. लगातार संपर्क के बाद पुलिस की किशोर से बातचीत हो सकी. पुलिसकर्मियों ने उसे भरोसे में लेकर समझाया और सुरक्षित अपने घर लौटने के लिए तैयार किया.पुलिस की कोशिश रंग लाई और किशोर सकुशल मिहिजाम लौट आया. उसे सामने देखकर परिजनों की चिंता दूर हुई और उन्होंने राहत की सांस ली.जांच के बाद पुलिस ने पाया कि किशोर का अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वह नाराज होकर स्वयं घर से निकल गया था. डिजिटल ट्रांजैक्शन को सुराग बनाकर किशोर को तलाशने और सकुशल घर पहुंचाने में पुलिस की तत्परता की क्षेत्र में काफी सराहना की जा रही है. साथ ही थाना प्रभारी ने क्षेत्र के लोगो से अफवाहों से दूर रहने की अपील की.
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