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रांची/डेस्क: विश्व में कई ऐसे युवा है जिनका सपना होता है कि वह गूगल और फेसबुक जैसी बड़ी कंपनियों में काम कर सके. हम सभी यह बात से भली भांति अवगत हैं कि फेसबुक एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है. मगर यह केलव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ही नहीं बल्कि, एक बड़ी कंपनी भी है. जो आपको अच्छी सैलरी, शानदार सुविधाएं और ग्लोबल लेवल पर काम करने का मौका दे सकता है. मगर आपकी जानकारी के लिए बता दें, फेसबुक में नौकरी पाना काफी मुश्किल है.
मगर इसको आसान बनाता है आपका सही स्किल्स, गाइड और तैयारी. यदि आपके पास यह तीनों चीजें है तो, आप आसानी से फेसबुक में नौकरी पा सकते हैं. फेसबुक में सैलरी बहुत हाई है. इसके अलावा यहां करियर में ग्रोथ भी शानदार मिलती है. ऐसे में यदि आप भी फेसबुक में नौकरी करना चाहते हैं, तो चलिए हम आपको बताते हैं कि आप कैसे फेसबुक में नौकरी पा सकते हैं और वहां शुरुआती सैलरी कितनी मिलती है.
फेसबुक में मिलती है ये नौकरियां
- Software Engineer
- Data Scientist
- Research Scientist
- QA Engineer
- System Engineer
- Product Manager
आपकी जानकारी के लिए बता दें, फेसबुक में फ्रेशर्स को अलग-अलग जॉब रोल, स्किल्स और लोकेशन के आधार पर तय की जाती है. यदि भारत की बात करें तो, भारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को सालाना 57 लाख से 85 लाख तक सैलरी मिलती है. वहीं बात करें सॉफ्टवेयर डेवलपर की तो, सॉफ्टवेयर डेवलपर की शुरुआती सैलरी लगभग 15 लाख से 23 लाख के आसपास रहती है. डेटा एनालिस्ट की सैलरी सैलरी लगभग 17 लाख से 25 लाख के आसपास रहती है. सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर को सालाना 80 लाख से 1 करोड़ के आसपास मिलती है. वहीं इसके साथ ही कई एंप्लॉय को बेस सैलरी के साथ बोनस और कंपनी के शेयर भी मिलता है.
तो आपको बता देते हैं आप फेसबुक में नौकरी के लिए दो प्रकार से आवेदन कर सकते हैं. इसमें पहला ऑनलाइन आवेदन होता है. जिसमें आप कंपनी की वेबसाइट के माध्यम से अपनी प्रोफाइल और रिज्यूमे सबमिट करके इसमें नौकरी के लिए आवेदन दे सकते हैं. वहीं दूसरी प्रक्रिया यह है कि आप कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से फेसबुक में जॉब पा सकते हैं. जहां बड़ी यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में कंपनी सीधे छात्रों को हायर करने आती है.
अब हम आपको बता देते हैं कि फेसबुक में जॉइनिंग प्रक्रिया कई चरणों में होती है. जिसमें पहले चरण में आपके रिज्यूमे की स्क्रीनिंग की जाती है. जिसमें आपकी योग्यता और स्किल्स की जांच की जाती है और इसके आधार पर आपके रिज्यूमे को शॉर्टलिस्ट किया जाता है. जिसके बाद दूसरा चरण शुरू होता है. जहां आपका फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से इंटरव्यू लिया जाता है. जहां आपकी तकनीकी समझ और पर्सनालिटी का मूल्यांकन किया जाता है. दोनों चरणों में पास करने वाले तीसरे चरण में प्रवेश करते हैं. जहां तीसरे चरण में आपको 4-6 ऑनसाइट इंटरव्यू देने होते हैं, जिनमें कोडिंग, सिस्टम डिजाइन और बिहेवियर से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. चयन प्रक्रिया के सभी चरणों को पर करने के बाद कंपनी की टीम डिसीजन लेती है और आपका चयन करती है और आपको जॉब ऑफर देती है.