प्रेम कुमार सिंह/न्यूज़11 भारत
गुमला/डेस्क: भरनो प्रखंड क्षेत्र में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाथियों के झुंड द्वारा लगातार खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से किसान परेशान हैं. शनिवार की अहले सुबह प्रखंड के अमलिया गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने धान के खेतों में घुसकर दो किसानों की तैयार हो रही धान की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया. हाथियों के उत्पात के बाद खेतों में धान की फसल जमीन पर गिरी हुई मिली. जानकारी के अनुसार हाथियों ने अमलिया गांव निवासी किसान नंदकिशोर सिंह और दिनेश ठाकुर के खेतों में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया.
हाथियों ने खेत में लगी धान की फसल को पैरों से रौंद दिया, जिससे दोनों किसानों की एक एकड़ से अधिक धान की फसल क्षतिग्रस्त हो गई. सुबह जब किसान खेतों की ओर पहुंचे तो खेत में धान की फसल बर्बाद देखकर उनके होश उड़ गए. खेत में जगह-जगह धान की फसल जमीन पर गिरी हुई थी और हाथियों के पैरों के निशान भी दिखाई दे रहे थे. पीड़ित किसानों ने बताया कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में जंगली हाथियों का आवागमन लगातार बना हुआ है. हाथियों के झुंड रात के समय जंगल से निकलकर गांव के आसपास के खेतों में पहुंच जाते हैं और धान,मक्का सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इससे किसानों को काफी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है. किसानों का कहना है कि खेती ही उनकी आय का प्रमुख साधन है और फसल बर्बाद होने से उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के गांव और खेतों में आने से लोगों में भय का माहौल भी बना हुआ है.
ग्रामीण रात के समय खेतों की ओर जाने से परहेज कर रहे हैं. किसानों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने,हाथियों को आबादी और खेतों से दूर रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी एवं गश्ती की व्यवस्था करने की मांग की है. पीड़ित किसानों नंदकिशोर सिंह और दिनेश ठाकुर ने वन विभाग एवं जिला प्रशासन से उनके खेतों में हुए फसल नुकसान का तत्काल आकलन कराकर नियमानुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है. साथ ही ग्रामीणों ने हाथियों से होने वाले लगातार नुकसान को देखते हुए क्षेत्र में स्थायी समाधान की व्यवस्था करने की मांग की है,ताकि किसानों की फसल और ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.