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पलामू/डेस्क: जपला में आयोजित काली कंबल वाले बाबा के आरोग्य शिविर को लेकर उपचार संबंधी दावों, मरीजों को दी जा रही दवाओं और उनकी बिक्री में नियमों के अनुपालन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. कर्नल डॉ. संजय कुमार सिंह ने जिला प्रशासन से शिविर में किए जा रहे उपचार के दावों और दवाओं की बिक्री की संयुक्त जांच कराने की मांग की है.
कर्नल संजय सिंह ने कहा कि डायबिटीज, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, लकवा तथा सुनने-बोलने में असमर्थता जैसी गंभीर बीमारियों को केवल कंबल ओढ़ाकर ठीक करने के दावों के वैज्ञानिक प्रमाण सार्वजनिक किए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि मरीजों की भीड़, किसी व्यक्ति को राहत महसूस होना या तत्काल सुधार दिखाई देना स्थायी उपचार का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं माना जा सकता. उन्होंने दवाओं, चूर्ण और तेल की गुणवत्ता, सुरक्षा, निर्माण प्रक्रिया और परीक्षण संबंधी दस्तावेजों की जांच की मांग की. साथ ही निर्माता, निर्माण लाइसेंस, बैच नंबर, समाप्ति तिथि, घटक और आवश्यक अनुमतियों का सत्यापन कराने की बात कही.
कर्नल सिंह ने एमआरपी, बिल और वास्तविक वसूली का मिलान कराने तथा जहां लागू हो वहां जीएसटी एवं अन्य करों के अनुपालन की जांच की भी मांग की. उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की कर चोरी का निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए. उन्होंने संबंधित कानूनों के तहत दवाओं की वैधता और चमत्कारिक उपचार संबंधी प्रचार-प्रसार के दावों की जांच की मांग की.
कर्नल सिंह ने कहा कि आस्था और आध्यात्मिकता पर सवाल नहीं है, लेकिन मरीजों की सुरक्षा और उपचार संबंधी दावों का वैज्ञानिक सत्यापन जरूरी है. उन्होंने हुसैनाबाद में स्थायी स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत नियमित डॉक्टर, पर्याप्त दवाएं, पैथोलॉजी व अन्य जांच सुविधाएं, एंबुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की. साथ ही लोगों से निर्धारित चिकित्सकीय उपचार किसी दावे के आधार पर बीच में नहीं छोड़ने की अपील की.
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