संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: पलामू के चैनपुर थाना क्षेत्र के कंसाडीह निवासी 10 वर्षीय रितु कुमारी का 07 नवंबर 2025 को अपहरण कर निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसका शव दो दिन बाद एक कुएं से बरामद हुआ था. इस घटना के 10 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं किए जाने से आक्रोशित परिजन धरना दे रहे हैं, जिसके बाद क्षेत्र में राजनीति गरमा गई है और लगातार सोशल मीडिया मे विधयाक आलोक पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं.
इस मामले पर प्रेस वार्ता करते हुए विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि हम सब उस बच्ची को न्याय दिलाने के लिए खड़े हैं, जिसकी 10 महीने पहले अपहरण के बाद निर्मम हत्या कर दी गई थी और जिसका शव दो दिन बाद कुएं से मिला था. घटना की जानकारी मिलने पर वह सबसे पहले उसके घर गए थे, जहां परिवार, सगे-संबंधी और हजारों लोग उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि समाज और परिवार का सदस्य होने के नाते उनका यह दायित्व बनता है कि यदि घर का बेटा या परिवार का सदस्य विधायक है, तो न्यायिक जांच और कार्रवाई सही तरीके से हो.
विधायक ने आगे कहा कि घटना के बाद से आज तक परिवार के लोग जब भी मदद के लिए आए, वह हमेशा उनके साथ खड़े रहे. अब पुलिस और प्रशासन को बच्ची को न्याय दिलाने का काम करना चाहिए. उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बच्ची की चर्चा होनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य है कि चर्चा उनकी ज्यादा हो रही है और बच्ची की कम हो रही है. उनके विरोध में जाने वाले लोग सिर्फ आलोक चौरसिया से डर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि आलोक चौरसिया कमजोर होगा तभी वे विधायक बनेंगे.
विधायक आलोक चौरसिया ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि उन्होंने किसी आरोपी को छुड़ाने के लिए फोन किया हो, तो वह उसी दिन विधायक पद से इस्तीफा देकर राजनीति से संन्यास ले लेंगे. उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की कि वे अपनी कार्यप्रणाली को और मजबूत करें ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके और बच्ची को न्याय मिल सके. इसके लिए वे मुख्यमंत्री और डीजीपी से भी मुलाकात करेंगे और जरूरत पड़ने पर सदन में भी इस मामले को मजबूती से उठाएंगे.
वहीं, इस मुद्दे पर बीजेपी जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है और विधायक इस घटना के प्रारंभ से ही सकारात्मक रूप से पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं. उन्होंने लगातार प्रशासन से मिलना, परिवार से मिलना और उनकी मदद करने का काम किया है. अचानक कुछ दिनों से जो धरना हो रहा है, उस पर विधायक से आग्रह किया गया था कि उन्हें इन बातों को लेकर आगे बढ़ना चाहिए. यदि किसी के पास कोई सबूत या प्रमाण है कि कोई इस मामले में शामिल है, तो उसे सामने रखना चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी और विधायक अलग नहीं हैं, वे सब साथ में हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
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