अम्बर कलश तिवारी/न्यूज11 भारत
धनबाद/डेस्क: सिमडेगा: जिले की बेटियो ने हमेशा अपनी प्रतिभा से जिले को इतराने का मौका दिया है. गुरुवार को एक बार फिर बेटियो के कारण जिले का गर्व हुआ है.
सिमडेगा जिले की बेटी संस्कृति शास्त्री अपने नाम के अनुरुप देश की सांस्कृतिक धरोहर और विरासत को अपने नृत्य के माध्यम से विश्व पटल पर रखा. बनारस के नमो घाट में मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर भारत सरकार द्वारा आयोजित काशी तमिल समागम कार्यक्रम में गुरुवार को संस्कृति शास्त्री ने अपनी टीम के साथ लोक नृत्य की प्रस्तुति कर लोगों का मन जीत लिया. कार्यक्रम में तमिलनाडू और दक्षिण भारत के हजारो पारंपारिक कलाकार शामिल हुए थे. कार्यक्रम के माध्यम से देश की सांस्कृतिक एकता और विविधता को दर्शाया गया.बताया गया कि नमो घाट में आयोजित कार्यक्रम का उददेश्य भारत की सांस्कृतिक धरोहर को एक साथ जोड़ने की तरह था.
इधर संस्कृति शास्त्री के प्रदर्शन पर लोगों ने उन्हें जिले की उपायुक्त कंचन सिंह, एसपी एम अर्शी सहित सिमडेगा जिला पत्रकार संघ के पदधारियों ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है. संस्कृति के पिता आशीष शास्त्री ने बताया कि संस्कृति ने अपनी स्कूली शिक्षा डीएवी स्कूल सिमडेगा से की है और वर्तमान में बीएचयू बनारस में स्नातक की पढ़ाई कर रही है.
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