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बुंडू/डेस्क: झारखंड सरकार द्वारा स्वीकृत ‘पेसा नियमावली’ एवं आदिवासी समाज की रूढ़ी-परंपरागत व्यवस्था के संवैधानिक अधिकारों पर आधारित एकदिवसीय कार्यशाला आगामी 08 जनवरी 2026 (गुरुवार) को आयोजित की जाएगी. यह कार्यशाला करकरी नदी तट, झटगांव, पंचायत-पुण्डीदिरी, थाना-तमाड़ (रांची) में सुबह 11 बजे से आयोजित होगी.
कार्यशाला की सफलता को लेकर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष कलेश्वर मुंडा की अध्यक्षता में झामुमो कार्यालय, बुंडू में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में 8 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु व्यापक विचार-विमर्श किया गया तथा अधिक-से-अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया.
कार्यशाला में पेसा कानून, ग्राम सभा की शक्तियाँ, आदिवासी रूढ़ी-परंपरागत व्यवस्था तथा उनके संवैधानिक अधिकारों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी. इसमें ग्राम प्रधान, पाहन, पंचायत प्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक एवं समाज के बुद्धिजीवी वर्ग को आमंत्रित किया गया है.
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के माननीय मंत्री दीपक बिरुआ (भू-राजस्व एवं निबंधन), माननीय मंत्री चमरा लिंडा (अनुसूचित जाति/जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग) तथा माननीय विधायक विकास कुमार मुंडा (सभापति, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले) की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी.
यह कार्यशाला पाँच परगना आदिवासी बुद्धिजीवी मंच के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है. आयोजन समिति में कलेश्वर मुंडा, अनिल सिंह मुंडा, गिरीश मुंडा, हीरा मुंडा, सोमना उरांव, ललितेश्वर लाल मुंडा, उमेश मुंडा, प्रकाश पुरान, राजकुमार बिझिया, बुधराम बड़ाईक, शिवेश्वर सिंह मुंडा, कृष्ण मुंडा, श्यामलाल लोहरा, अब्राहम सोय, महावीर सिंह मुंडा, एतवा उरांव, अर्जुन मुंडा, कुलपति मुंडा, प्रताप सिंह मुंडा एवं राकेश उरांव सहित अन्य शामिल हैं.
आयोजकों एवं झामुमो नेताओं ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व आम नागरिकों से अधिक-से-अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यशाला को सफल बनाने की अपील की है.
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